तुझमें बसा है खुदा का वो नूर, तू ही है मेरा सुकून, मेरा गुरूर।
1. तू ही रूप, तू ही रूह है 15 | 11 | 12 | 5 | | 29-12-2024 |
© Copyright 2023 All Rights Reserved