माँ का कूरूप

यह कहानी दिशा नाम की एक छोटी बच्ची की है, जिसकी मां के निधन के बाद उसके पिता दूसरी शादी कर लेते हैं। नई मां सीमा बाहर से प्यार और देखभाल का दिखावा करती है, लेकिन अंदर से स्वार्थी और बेरुखी है। उसने रमेश से शादी केवल पैसे के लिए की थी और दिशा को हमेशा बोझ समझा। सीमा घर के बाहर एक आदर्श मां का नाटक करती, लेकिन जब कोई न देखता, तो दिशा को अपमानित करती और उसकी उपेक्षा करती। दिशा ने सब सहते हुए खुद को खामोशी में समेट लिया। उसकी मासूमियत और खुशियां सीमा की क्रूरता और असली चेहरे के नीचे दब गईं। धीरे-धीरे रमेश को भी सीमा की सच्चाई का अहसास हुआ। एक दिन, सीमा ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि दिशा और इस रिश्ते से उसे कोई लगाव नहीं है। यह सुनकर रमेश ने सीमा से अलग होने का फैसला किया और अपनी बेटी के साथ एक नई शुरुआत की। यह कहानी एक बच्ची के साहस और धैर्य की है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी ताकत को बनाए रखती है। यह दिखाती है कि सच्चे रिश्ते प्यार और ईमानदारी पर टिके होते हैं, न कि स्वार्थ और दिखावे पर।

16 Views
Time : 7 Min

All Right Reserved

: Simple Human
img