कुरूप पाठकों को सिखाती है कि बाहरी सुंदरता महत्वपूर्ण नहीं होती; असली सुंदरता इंसान के भीतर होती है। यह कहानी समाज के पूर्वाग्रहों को चुनौती देती है और यह दिखाती है कि एक मां का अटूट प्यार और विश्वास किसी भी असंभव को संभव बना सकता है। मैने इस कहानी के जरिए न केवल एक मां के संघर्ष को जीवंत किया है, बल्कि समाज के उन रूढ़िवादों पर भी प्रहार किया है जो इंसान की असली पहचान को नकार देते हैं। यह कहानी हर मां, हर बच्चे, और हर उस इंसान के दिल को छूएगी, जिसने कभी खुद को कमतर महसूस किया हो। "कुरूप" एक ऐसी कहानी है, जो आपको आत्म-विश्लेषण करने और अपने भीतर की शक्ति को पहचानने के लिए प्रेरित करेगी। यह किताब एक मां के बलिदान और बच्चे की अडिग इच्छा शक्ति का सम्मान है।
© Copyright 2023 All Rights Reserved