झरने की फुहारों में, इंद्रधनुष बुनता है। मिट्टी की सौंधी खुशबू, हवा में गीत गुनगुनाती है।
1. मुकदर्शक 14 | 11 | 12 | 5 | | 26-12-2024 |
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