भाग्य

भाग्य की परछाई हमेशा साथ रही, कभी उसने हमें उठाया, कभी गिराया भी। वो एक रहस्यमयी धारा सी बहती रही, कभी पास आई, कभी दूर जा छिपी।

14 Views
Time : 1 Min

All Right Reserved

लेखक : rani
img