भाग्य की परछाई हमेशा साथ रही, कभी उसने हमें उठाया, कभी गिराया भी। वो एक रहस्यमयी धारा सी बहती रही, कभी पास आई, कभी दूर जा छिपी।
1. भाग्य 14 | 11 | 13 | 5 | | 24-12-2024 |
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