मां की आशाएं

एक औरत के अधूरे सपने हमेशा वो अपनी बेटी में पूरे होती देखती है, एक मां दुनिया और अपने के हाथों चाहे कितनी मजबूर हो जाए, पर एक मां कभी अपनी बेटी के लिए कमजोर नहीं पड़ती, चलिए कविता को पढ़िए और बताइए कैसी है। लाइक, कमेंट ,शेयर जरूर करना।

10 Views
Time : 1 Min

All Right Reserved

: Author
img