"अनछुआ अहसास"

यह कविता "अनछुआ अहसास" एक अनकहे प्रेम की कहानी बयां करती है, जिसमें प्रेमी के दिल में छुपे जज़्बात शब्दों में बंध नहीं पाते। यह अहसास सन्नाटों में गूंजता है, खामोशी में पलता है और दूर होकर भी प्रियतम की मौजूदगी का एहसास कराता है। यह प्रेम सागर की लहरों सा बेचैन और चांदनी रातों में छुपे इंतजार की तरह अनमोल है, जो कभी खत्म नहीं होता।

13 Views
Time : 2 Min

All Right Reserved

: Anu
img