तुमसे बिछड़ कर, हर दिन ये ख़त बन गया साथी, तेरी यादों का एक टुकड़ा, हर पंक्ति में बसी है, सच्ची।
1. खत 16 | 14 | 15 | 5 | | 16-12-2024 |
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