प्रेम की छांव

तेरे स्पर्श की गर्मी, वो मीठी सी आग, जिसमें सुलगता है प्रेम का भाग। तेरे बिना ये जीवन अधूरा सा लगे, जैसे बिना धड़कन के दिल ना धड़के।

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: Writer Dev
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