बिन फेरे हम तेरे

ये कहानी है एक मुसीबत में फंसी हुई लड़की की मदद एक बड़े अमीर घर का लड़का अपने घर में आश्रय देकर उसको बारिश से बचाता हैं और उसकी देख भाल करता है। वो गांव में रहते है। इसलिए गांव वालो की सोच पुराने जमाने वाली होती है। वो कहते है कि एक लड़का और एक लड़की बिना रिश्ते के कैसे साथ रह सकते है। अर्जुन निशा का साथ छोड़ना नहीं चाहता है और वो उसे बिना किसी रीति रिवाज से उसे अपनी पत्नी मान लेता है। गांव वालो को ये मंजूर नहीं होता है। अब इस कहानी में आगे क्या होगा?पढ़िए मेरी ये कहानी।

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लेखक : साइलेंट लफ्जो का सफर
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