जिसने खोया अपनी बेटी को, सुधर जा ए लालची इंसान, वरना भूल जा, अपने अस्तित्व को, जो सारे रिश्ते नाते तोड़, तुझको है अपना बनाती, फिर क्यों ए नादा,
1. लालच 15 | 15 | 13 | 5 | | 09-12-2024 |
© Copyright 2023 All Rights Reserved