उषा की मां गीता पालीवाल ने बताया कि किंजल उसके गांव में भले किसी रिश्तेदारों से नहीं मिलती हो। लेकिन जब वो हमारे गांव आई, तो ऐसी प्रतिक्रिया दे रही थी मानों वो बरसों से हमारे गांव और घर को जानती हो। उषा को जानने वाली कई महिलाओं के पास जाकर किंजल ने बात भी की। वो कभी घर की छत, तो कभी घर के चौक में दौड़ने लगी। यही नहीं किंजल ने हमारे घर के बाहर खड़े होकर उन पौधों के बारे में पूछा जिन्हें हमने 7 - 8 सालों पहले हटा दिया था। उसने मेरी दोनों छोटी बेटियों और बेटों से भी बात की और खुब प्यार किया।
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