सूरज तो अपनी ही धुन में है मशगूल गुस्से से लाल आसमाँ हो रहा है गलियों में अब आना जाना है मुश्किल अजीब-ओ-ग़रीब ये जहाँ हो रहा है
1. जुदाई 19 | 14 | 14 | 5 | | 04-12-2024 |
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