ये जो में लड़खड़ाता हुआ सा चलता हूँ तेरे प्यार के नशे का सब कसूर है। ये जो रात रात भर जागता हूँ तेरे इश्क़ का सब कसूर है। ये जो इतना तू तड़पाती है, मेरी तारीफों का सब कसूर है।
1. कसूर 16 | 12 | 14 | 5 | | 03-12-2024 |
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