तुम्हारे टूटे फूटे अल्फाजों में लिखी, डायरी की कविता आधी अधूरी, बयां करती है फिर भी हर जज्बात, मन के एहसासों में सराबोर पूरी।
1. सुनहरी सुबह 16 | 13 | 15 | 5 | | 28-11-2024 |
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