जहाँ भरोसे की इमारत खड़ी होती है, वहीं खुशियों की बरसात बड़ी होती है। टूटे न कभी यह बंधन का धागा, यही तो ज़िंदगी की सबसे बड़ी होती है।
1. भरोसा 12 | 8 | 12 | 5 | | 25-11-2024 |
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