सगा नहीं पर तेरा भाई हु,

एक ऐसी बंधन की डोर जो खून के रिश्ते से नहीं प्यार के रिश्ते से बंधी है तो ऐसी ही एक रिश्ते की कहानी में लेकर आया हु जिसमें एक भाई अपनी बहन के लिए किसी से भी भीड़ जाता है। उसकी हर मुश्किलों में उसका साथ देता है। मेरे द्वारा लिखी गई आज तक सभी कहानी में ये कहानी मेरी सबसे ज्यादा पसंदीदा है। कहानी के आखिर में जो प्रश्न। है उसका जवाब आप कमेंट बॉक्स में दीजिए

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लेखक : साइलेंट लफ्जो का सफर
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