अनकहा दर्द!!

अपनी आंखों का दर्द छुपा कर हंसती रहती हूं मैं, और दर्द में भी फूल खिलाना चाहती हूं मैं, दर्द इश्क़ का छिपा है दिल में फिर भी हंसती रहती हु मै,!

17 Views
Time : 1 Min

All Right Reserved
कविता

: Miss writer
img