बेटी बच्चे के लिए मन्नत कर मंदिर से लौटते हुए एक मां के हृदयस्पर्शी शब्द। जब उस मां को एक कचड़े के डब्बे से किसी बच्चे की रोने की आवाज आती है और फिर उसे वहां से निकाल कर गोद में लेती है , तो भींगे पलकों के साथ उससे कहती है..... सुरुचि कुमारी✍️ स्वरचित रचना
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