"राहों में चाहे कांटे हों, चाहे हो मुश्किलों का दौर, उम्मीद की ये लौ न थकती, न रुकती हर ओर। हर दर्द के पीछे एक उम्मीद का उजाला है, जो अंधेरों को चीरता, जीवन को फिर से संभाला है।"
1. उम्मीद का दिया 16 | 13 | 15 | 4 | | 04-11-2024 |
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