चलते-चलते रुकना नहीं, हर ठोकर है एक सबक, सफर की ये मिठास ही बनती है मज़बूत वजह। हर दर्द को पीछे छोड़, आगे बढ़ते चलो, क्योंकि असल ख़ुशी तो इस सफर में ही बसी है।
1. ये अनजाना सा सफ़र 16 | 13 | 15 | 5 | | 31-10-2024 |
© Copyright 2023 All Rights Reserved