दौलत का नशा हर चीज़ भुला देता है, रिश्तों की मिठास तक को मिटा देता है। समझ नहीं आता इसे क्यों इतनी अहमियत दी जाए, जब ये अपनों की आवाज़ भी दबा देता है।
1. दौलत का नशा 18 | 14 | 14 | 5 | | 26-10-2024 |
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