अनकहे लफ्ज़ों ने बनाई थी दीवारें, मगर मोहब्बत ने तोड़ दी सारी बंदिशें, बातों में छुपे थे सारे जवाब हमारे, अब रिश्तों में फिर से बहारें।
1. रिश्तों की सरहदें 21 | 16 | 17 | 5 | | 24-10-2024 |
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