Meri Banjaran Jindagi

मौत भी जिस से कांपती हो उस बिजनेस टायकून मृत्युंजय ठाकुर जिसे औरत नाम से भी नफरत है उस मृत्युंजय को प्यार हो जाता है। एक अनपढ़ गवार बंजारन ज़िंदगी से, जिसे कपड़े तक पहनने ढंग नही है। कैसे बनेगी सनक बंजारन जिंदगी मृत्यु की। वहीं बंजारन जिंदगी अपनी हकीकत से अंजान बिक जाती है ठाकुरों की हवेली में, अपनी इज़्ज़त बचाने को जिंदगी लेती है। एक फैसला। क्या है वो फैसला मृत्यु के नाम से जाने जाना वाला मृत्युंजय कैसे बना मृत्यु जिसके नाम से ही साफ खौफ खाते है। मृत्यु कैसे मिलेगा जिंदगी से। जिंदगी को कैसे पता चलेगी अपनी हकीकत। जिंदगी को पाकर क्या बदल जाएगा मृत्यु का दिल,या जिंदगी हो जायेगी शिकार मृत्यु के गुस्से का।

112 Views
Time : 33 Min

All Right Reserved

लेखक : Devil
img