परिणिति (एक श्रापित परी)

आंखे जिसे देखती है उस पर भरोसा करती है, और जिसे नही देखती उसे दास्तां का नाम दे देती है, यही है दुनियां की समझ, पर हर समझ के ऊपर एक शक्ति है जो हमारे समझ के परे है, फिर चाहे हम उन्हें माने या ना माने। ये कहानी भी ऐसी ही कुछ है जो हकीकत भी है और फसाना भी, उत्तराखंड हसीन वादियों और देवों की भूमि जो अपने पवित्रता और रहस्यों के लिए जाना जाता है.. कहते है यहां देवी देवताओं का वास रहा है, उस से जुडी बहुत सी कहानियाँ है जो कुछ सच्ची तो कुछ काल्पनिक है, ऐसे ही यह भी कहा जाता है कि यहां परियां भी मिलती है, जो अच्छी और बुरी दोनो ही तरह की होती है। हमारी कहानी भी यहीं से शुरू होती है, परिणीति नाम की लड़की जो बचपन से जादू कर सकती थी लेकिन कैसे ये उसे भी पता नही था ? उसकी खूबसूरती मानो स्वर्ग की कोई अप्सरा धरती पर आ गई हो ऐसी है, और उम्र बढने के साथ उसकी खुबसूरती भी बढने लगी। वहीं दूसरी तरफ है काव्यांश राणा जाना माना बिजनेसमैन जो चाहता वो पाकर रहता है ! क्या होगा जब परिणीति आयेगी काव्यांश के नज़र में ? वो उसकी इश्क़ बनेगी या जुनून या फिर होगी किसी नफरत और धोखे की शिकार ? अपने जादू के रहस्य को परिणीति कैसे सुलझाएगी ? जानने के लिए पढ़े परिणीति ( एक श्रापित परी ) मेरे यानी चारु के साथ only on लफ्जों की कहानी पर !

334 Views
Time : 2 Hour

All Right Reserved

: Author
img

All Chapters