ये कहानी सिर्फ किसी एक इंसान की नहीं। बल्कि पूरे उस परिवार की है। जिनके बच्चों के साथ कुछ गलत होता है। मां बाप पर क्या बितती होगी। जब उनके किसी बच्चे के साथ ऐसा दुष्कर्म हो जाए। और वो उन्हें छोड़ कर चला जाए। अपने बच्चे तो जानवरों को भी प्यारे होते है। तो इंसानों को तो क्या ही बात करूं मैं…? पर समाज में इंसान के रूप में कुछ ऐसे वहसी दरिंदें छुपे हुए है। जो किसी का जिस्म नोचते समय ना लड़का देखते और ना लड़की देखते है। अरे! उन दरिंदों को तो उनकी उम्र से भी फर्क नहीं पड़ता। आप सब आए दिन न्यूज में रेप की न्यूज तो सुनते हो होंगे। कभी 6 महीने की बच्चियों का रेप होता है, तो कभी 75 साल की बूढ़ी औरतों का। कभी लड़कियों का रपे होता है, तो कभी लड़कों का रेप होता है। उन हैवानों को बस जिस्म से मतलब होता है। उन्हें इस बात से फर्क नहीं पड़ता की जिनके साथ वो ये दुष्कर्म कर रहे है। वो भी किसी मां बाप के बच्चे है। उनका भी कोई घर में इंतजार कर रहा होगा। उनके लिए भी कोई परेशान होगा। ऐसी ही एक कहानी आज मैं आप सबको सुनाने जा रही हूं। मुझे उम्मीद है की आप सबको मेरी ये कहानी पसंद आएगी। अगर इस कहानी को लिखने में मुझे कोई भूल हुई हो। या मैंने जाने अंजाने में किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाया हो। तो कृप्या मुझे क्षमा करें।
© Copyright 2023 All Rights Reserved