अक्सर जिम्मेदारियां इतनी बढ़ जाती है कि वो बोझ का रूप ले लेती है एक ऐसी ही कहानी है सोमांश की। जो बढ़ती जिम्मेदारियों में उलझ गया । और उसने खुद को खो दिया। आखिर में मां बाप के तानो से ही वो इतना दुखी हो गया कि उसने उठा लिया एक बहुत बड़ा कदम । आखिर क्या किया सोमांश ने जानने के लिए पढ़ते रहिए लड़कों का दर्द The story of a sad boy....
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