चल सजाते है अपने पुराने एहसास को, जी लेते है अपने ख्वाब पुराने को, याद करते है उन पुरानी मुस्कान को, चल संभालते है पुराने मकान को...... ~ शालिनी चौधरी
1. पुराना मकान ! 21 | 15 | 18 | 5 | | 18-07-2024 |
© Copyright 2023 All Rights Reserved