कहते हैं जोड़ियाँ ऊपर वाला बना कर भेजता है । पर क्या हो जब एक परी और एक शैतान की जोड़ी खुद ईश्वर ने तय कर दी । मिलिए युवराज सिंह सिशोधिया से । जो अपने परिवार को दिया श्राप आज भी भुगत रहा था । उस गलती की सजा उसे दी जा रही थी जो उसने कभी कि ही नहीं थी । तो वहीं दूसरी ओर है आयुषी जो है अपनी ही शक्तियों के अंजान । जिसके पास है युवराज को श्राप से मुक्त करने की चाभी । तो क्या ये दो अलग पर्सनालिटी के लोग जुड़ पाएंगे एक दूसरे से । और क्या था वो श्राप जिसे युवराज आज भी बोग रहा था । पूरी कहानी जानने के लिए पढ़िए '' डेविल से इश्क ''
© Copyright 2023 All Rights Reserved