मेघ बिन पानी का, सूरज बिन लाली का, चांद बिन चकोर के, रात बिन भोर के..... जैसे फीके है ! वैसी फीकी हूं मै तुम बिन....... 💔💔
1. तुम बिन 33 | 10 | 16 | 5 | | 10-06-2024 |
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