सबके कर्मो का फल यही मिलता है बेटा देव तुझे नाराज होने की जरूरत है। याद रखना नफरत अंधकार की और ले जाती है और प्यार रोशनी की तरह जिंदगी में खुशियां लाता है। एक सफेद धोती और काला कुर्ता पहने एक बुजुर्ग आदमी ने अपने सामने नाराज 15 साल के देव को देखते हुए कहा, जिसके आंखे गुस्से से लाल थी और उसके चेहरा इतना भयानक था की कोई सोच भी नहीं सकता था। उस बुजुर्ग की बात सुनकर देव ने गुस्से से अपने पैर में जमीन में पटकते हुए कहा, ये सब बकवास है दादा जी पिता जी सही कहते थे इस दुनिया को सिर्फ ताकत और नफरत से जीता जा सकता है और अब में भी बही करूंगा। ऐसा कहते हुए देव अपने हाथ में पकड़े कांच गोले को कस दवाता जिसके साथ ही उस गोले में दरार पड़ने लग जाति है और एक छोटी सी चकटने की आवाज के साथ वो गोल टुकड़ों में बदल जाता है। उस कांच के टुकड़े चुभने से देव के हाथ से खून बहने लगता है लेकिन जैसे ही बो खून उस के हाथ से फर्श पर गिरता है। फर्श पर गरम तबे पानी गिरने की सी आवाज सुनाई देती है। जो देव के दादा भार्गव रघुवंशी का ध्यान अपनी ओर खींच लेती है बो खोफ और परेशानी के साथ घर के फर्श पर पड़े देव के खून से बने गद्दों के निशान देख कर तुरंत देव का हाथ पकड़ कर उस पर राख जैसे दिखने बाली मिट्टी लगाते हुए कहते है। देव तुम भूल गए तुम्हारी मां ने क्या कहा था, तुम्हारे खून के राज को राज ही रखना है। अगर किसी को पता चला तो तुम बहुत मुश्किल में पड़ जाओगे। आखिर क्या थी देव की हकीकत और क्या है उसके खून में जाने कहानी के अगले भाग में Mr. Nobody
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