दिल चाहता है कि आज यह सारे अल्फाज़ और यादें सीने में दफ़न हो जाए । कंबख्त यह यादें पीछा ही नहीं छोड़ती
1. नज़राना -ए-इश्क 19 | 12 | 13 | 5 | | 17-05-2024 |
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