ये कहानी शुरू होती है समुंद्र किनारे बसे पीपर गांव से। जहां अमावस्या की रात में, रात के बारह बजे कुछ शैतानी आवाजे सुनाई देती है।- 'आई रे आई काली अमावस्या आई। लुटेरों की किस्मत फिर से चमकाई।पीपर गांव के इस शैतानी आवाज की बात दूर - दूर तक फैली हुई थी। शहर से तीन दोस्त रवि, पायल और किस्मत भी इस आवाज के बारे में जानने आए। जहां किस्मत की नादानी ने तोड़ डाला गांव का रक्षा सूत्र बंधन। रक्षा सूत्र बंधन के टूटने का मतलब है कि किसी समुदाय या स्थान की सुरक्षा या संरक्षण खतरे में हो गया है।क्या सच था इस गाँव का और क्या अनहोनी होने वाली थी शहर से आए लोगों के साथ ? जानने के लिए पढ़िए, "Shrapit Lootere" only on Lafzo ki kahani
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