ये कहानी है गोकुल के रहने वाले चिंटू ग्वाला की, जिसे बचपन मे सर पर चोट लगने की वजह से बड़ा होने पर भी उसका दिमाग एक छोटे बच्चे की तरह हो गया था। चिंटू अपने चाचा चाची के साथ रहता था, जो उसको नौकर की तरह रखते थे। एक दिन एक लड़की चिंटू के सर पर पत्थर मार देती है । जिस जगह पर चोट लगने से चिंटू का दिमाग बच्चे जैसा हो गया था, दुबारा उसी जगह पर चोट लगने की वजह से चिंटू ठीक हो जाता है। पूरी कहानी जानने के लिए पढ़िए, “गोकुल का चिंटू ग्वाला” ।
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