प्रेम के राज...

लगता है सबको मैं याद लिखती हूँ, किसी के आने की फरयाद लिखती हूँ, ऐसा नही है यारों... मैं तो बस सबके दिलों के राज लिखती हूँ।। निकेता सोनम सिंह ✍️

5 Views
Time : 8 Min

Public Domain

: सोनम ✍️
img