दोस्ती का रिश्ता

दोस्ती का रिश्ता बड़ा प्यारा होता है, हर ग़म में जो साथ निभाए, वो हमारा होता है। न कोई मतलब, न कोई हिसाब होता है, सच्चे दोस्त के साथ हर पल लाजवाब होता है। हँसी में साथ, आँसू में सहारा, मुश्किल राहों में बने किनारा। दूर होकर भी दिल के पास रहते हैं, दोस्त ही तो हैं जो दिल की बात समझते हैं। ज़िंदगी की राह में मिलते हैं कई लोग, पर दोस्त बनकर दिल में बसते हैं कुछ लोग। वक़्त बदल जाए, दुनिया बदल जाए, सच्ची दोस्ती फिर भी कभी न बदल पाए। दोस्ती वो रिश्ता है, जो ख़ून से नहीं बनता, दिल से जुड़ जाए तो उम्र भर नहीं टूटता।

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कविता

: Dhaara shree
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