एक बडे से कंपनी के Meeting हॉल में कोई सख्श अपनी शेयर होल्डर पर भडकते हुए कहता है कि मुझे किसी भी हाल में गुप्ता इंडस्ट्री की शेयर चाहिए. उस शख्स के जो पीछे में खडे आदमी से कहा कि अमन तुम मेरी लिए एक जेट रेडी करो मुझे आज ही मुंबई जाना है और फिर आपने एप्लाई को देखते हुए कहते है कि मुझे किसी भी हाल में ये डील चाहिए मुझे समझे तुम लोग कहकर सिद्धार्थ उस Meeting हॉल से चल जाता है. आपने असिस्टेंट अमन चला जाता है. उसके जाने के बाद उसे Meeting हॉल के employees जो सांस रोक के रखे थे उसे छोडते हैं और उसमें से एक एंप्लॉय बोलता हैं, थैंक गॉड, यमराज से बच गए आज तो नहीं तो फिर जान लेके मानता हम सभी की सभी ने उस एंप्लॉय की बात पर सभी ने एक साथ हां में हिला दिया और Meeting हॉल से चले जाते हैं. और वही दूसरी तरफ एक अपार्टमेंट के अंदर में एक बच्चे की रोने की आवाज आती है और एक लडकी उसे चुप करते हुए बोलती है कि मन्नत दी जल्दी से वापस आ, जा अनमोल रो रही है. यह सुन वह लडकी दूध का बोतल पकडे हुए आती है और सोनिया से बोलती है कि, दो मिनट तो रुक जा सोनिया ये मन्नत की दोस्त सोनिया यह बच्चा तूफान है यार तू कैसे झेल लेती है इस बच्चे को मैं तो पाँच मिनट में ही इसको देखकर रोना आ रहा है तू ही संभाल अपना बच्चा में चली Bye कहते हुए सोनिया जाने लगी की तभी कुछ याद करके बोली मन्नत एक बात बता तुझे क्या सच में शादी नहीं करनी है. यह सुन मन्नत सोनिया को घूरते हुए बोली तुम्हें हमेशा मेरी ही शादी के पीछे क्यों पडी रहती है और इस सवाल को ना हमेशा मत बोला कर यार मजा नहीं आता इस सवाल के जवाब कोई और ही सवाल पूछ लिया कर तभी की तभी सोनिया बीच में मन्नत के बाद को काटते हुए बोली अच्छा ठीक है मुझे पता है तू कैसी लडकी अब शांत हो जब भाई मैं इतनी सी बोली थी तू इतना सारा पूरा कहानी सुनाने लग जाएगी मुझे तेरी एक कहानी नहीं सुना Ok. मन्ना सोनिया से कुछ कहने को हुई थी कि अनमोल की रोने की आवाज है जिसे सुन सोनिया अपने सिर पर हाथ रखवाली Hi रे इस बच्चे का कुछ नहीं हो सकता, मन्नत सोनिया की बात पर उसे घूरते हुए अनमोल से बोलना बच्चे ऐसे नहीं रोटी आपको भूखी लगी है रुको मैं आपके लिए ओट्स लेकर आता हूं, अरे मैं भी हूं मुझे कैसे भूल गई मेरे लिए भी कुछ लेकर आना मन्नत मन्नत घूरते हुए सोनिया से बोली अच्छा ओट्स खाओगी अनमोल की जगह पर मन्नत के बाद पर सोनिया मुंह बना लेती है फिर मन्नत आगे बोलता है बच्चों के साथ में तुम भी बच्ची हो गई हो क्या? एक बडे से मेंशन जो पूरे संगमरमर की पत्थरों से बनी हुई थी उसके बाहर प्लेट पर कर्सिव राइटिंग में सिसोदिया मेंशन करके लिखा हुआ था. उस मेंशन के बाहर रंग बिरंगे फूलों पौधे लगाए हुए थे उसके बीचों बीच फाउंटेन बना हुआ था मेंशन के अंदर जाने पर एक औरत की आवाज" ओ हरि बाबू कहा है चाय लेकर जल्दी. ओह, मेरे सिर में दर्द हो रही है नौटंकी करते हुए ललिता जी कहती है, और मां को भी जा कर दे देन आज सालों बाद सिद्धार्थ आने वाला है तो उस के Room को रेडी कर दें और है सिद्धार्थ के Room को सिर्फ तुम ही रेडी करोगे समझे न हरि उस औरत ने हरि को देखते हुए कहा. ललिता जी सख्त लहजे में बोली. हरि, जी मैम मै कर देता हूं आप फिक्र न करे मैं छोटे साहब का Room को अच्छे तरीके से साफ कर दूंगा जिससे छोटे साहब को कोई परेशानी नहीं होगी. और मैं ने मां सा को उसकी चाय दे दिया है। good हरि ललिता जी इतना बोलकर वह से चली जाती है. ललिता सिंह सिसोदिया है हमारे हीरो की मां है शाम का समय सिसोदिया मेंशन हॉल में एक औरत जिसकी उम्र कुछ पचहत्तरवर्ष होगी वो हरि को चिल्लाते हुए कहते हैं कि ओ हरि कहा है मेरी चाय अभी तक मेरी पास आई क्यों नहीं. हरि जोकि इस घर के मौजूद एक नौकर है उसकी उम्र तीसवर्ष की होगी वो आते हुए बोला माफ करना दादी सा हम अभी लाए आप का चाय कहा वह चाय की प्याली को रखा दिया और जाने को हुआ कि रुको हरी, सिद्धार्थ की सभी सामान को ठीक से रखा है ना उसे बिल्कुल भी नहीं पसंद की उसके उसके सामान या फिर उसके चीजों को कोई छुए पर एक तुम हो जो उसके काम को करने में सक्षम हो तो सभी चीजों को उसके सही जगह में रखें होगे न हरि. जिसे सुनकर जल्दी से बोला कि जी दादी सा हम ने छोटे साहब के Room को अच्छे से और सही तरीके से साफ कर दिया है हरि इतना बोला वह से चल जाता है. एयरपोर्ट एयरपोर्ट से एक जेट लेड होती हैं जिससे एक शख्स बडे ही एरोगेंट तरीके से बाहर निकल उसकी बॉडी लेंग्वेज से साफ बता रही थी कि वो कितना cruel है हाथों में रिसेट वॉच पहने
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