रुकना मना है

थक गया है मन, पर पैरों को बता, रुकना मना है, अभी चलना बाकी है। सपने जो देखे थे रातों में जाग कर, उनको हकीकत में ढलना बाकी है।

6 Views
Time : 1 Min

कविता

: Kajal Parveen
img