किताब

किताबें सिर्फ़ काग़ज़ के पन्ने नहीं होतीं, ये उन लोगों की ख़ामोश धड़कनें होती हैं, जो अपने अल्फ़ाज़ों में एक पूरी दुनिया छोड़ जाते हैं। जब कोई अपना साथ छोड़ देता है, तब एक किताब चुपचाप हाथ थाम लेती है। न सवाल करती है, न शिकायत... बस हर पन्ने पर एक नया हौसला लिख देती है। कभी आँसुओं को शब्द मिलते हैं, तो कभी मुस्कानों को वजह। कभी खोए हुए सपनों को रास्ता मिलता है, तो कभी बिखरे हुए दिल को फिर से जीने की चाह। जो लोग किताबों से मोहब्बत करते हैं, वो जानते हैं,, हर कहानी में कहीं न कहीं उनका अपना ही अक्स छिपा होता है। इसलिए किताबों को सिर्फ़ पढ़ा नहीं जाता... उन्हें महसूस किया जाता है, जीया जाता है, और उम्र भर दिल के सबसे ख़ूबसूरत कोने में संभाल कर रखा जाता है। — Author: Soni

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कविता

: Soni
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