कुसुमल

राजस्थान के धोरों के बीच जन्मी कुसुमल सपने देखने की हिम्मत रखती है, लेकिन उसका जीवन उन परंपराओं की भेंट चढ़ जाता है जिनके आगे एक लड़की की इच्छा का कोई मोल नहीं। आटा-साटा प्रथा, परिवार की इज्जत, समाज के नियम और रिश्तों के बोझ तले दबती कुसुमल अपने अस्तित्व को बचाने की जद्दोजहद करती है।


लेखक : Rekha
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