Trap in the novel ❤️‍🔥🖤 ( प्रोमो )

नॉवेल पढ़ना ऐरा की आदत ही नहीं, उसकी दुनिया थी। हर रात वह अपनी पसंदीदा कहानियों में खो जाती। किरदारों के साथ हँसती, रोती और कभी-कभी खुद को उन्हीं के बीच महसूस करती। लेकिन उस रात कुछ अलग था। जिस नॉवेल को वह पढ़ रही थी।  उसकी कहानी अजीब तरह से उसे अपनी ओर खींच रही थी। जैसे हर शब्द, हर पन्ना उसे पुकार रहा हो। कहानी एक राजसी दुनिया की थी। जहाँ साज़िशें, प्रेम और विश्वासघात सब कुछ साथ-साथ चलते थे। ऐरा को उस नॉवेल की हीरोइन बहुत पसंद थी। बहादुर, दयालु और सबकी प्यारी। पर उसे सबसे ज्यादा नफरत थी। उस कहानी की विलन से, जो चालाक, निर्दयी और हर किसी के लिए खतरा थी। रात गहराती गई और जैसे-जैसे वह कहानी के क्लाइमैक्स के करीब पहुँची, उसकी आँखें भारी होने लगीं। उसने किताब बंद करने की कोशिश की, पर अजीब सी बेचैनी ने उसे रोक लिया। आखिरी पन्ना पढ़ते-पढ़ते अचानक उसकी आँखों के सामने अंधेरा छा गया। जब उसने दोबारा आँखें खोलीं। तो वह अपने कमरे में नहीं थी। उसके चारों ओर एक भव्य महल था। ऊँची दीवारें, झूमर की हल्की रोशनी और दूर से आती किसी के कदमों की आहट। पहले तो उसे लगा कि वह सपना देख रही है। लेकिन जब उसने अपने हाथों को देखा, अपने कपड़ों को महसूस किया। तो सब कुछ बेहद वास्तविक था। वह डर गई, घबराई, और तभी कमरे का दरवाज़ा खुला। एक नौकरानी अंदर आई और झुककर बोली, “माय लेडी, आपको सभा में बुलाया गया है।” अवियाना के दिल की धड़कन रुक सी गई। “माय लेडी?” उसने खुद से फुसफुसाया। तभी उसके दिमाग में जैसे बिजली सी कौंधी। यह वही नॉवेल की दुनिया थी! पर अगर वह यहाँ है… तो वह कौन है? धीरे-धीरे सच उसके सामने खुलने लगा। वह उस नॉवेल की हीरोइन नहीं थी… बल्कि वही खलनायिका थी। जिससे वह सबसे ज्यादा नफरत करती थी। वही किरदार, जिसका अंत बेहद दर्दनाक और अपमानजनक होता है। उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। “नहीं… यह नहीं हो सकता…” उसने बुदबुदाया। उसे पूरी कहानी याद थी। हर साज़िश, हर गलती, और वह भयानक अंत जहाँ इस विलन को सबके सामने सज़ा दी जाती है। अब सवाल यह था। क्या वह उसी रास्ते पर चलेगी जो कहानी में लिखा है? या वह अपनी किस्मत खुद बदल सकती है? ऐरा ने जल्दी ही समझ लिया कि यहाँ की हर चीज़ उस नॉवेल के अनुसार ही हो रही है। लोग वही हैं, घटनाएँ वही हैं, और हर कोई उसे उसी नज़र से देखता है जैसे कहानी में देखा गया था। एक खतरनाक, स्वार्थी और निर्दयी औरत के रूप में। लेकिन ऐरा वैसी नहीं थी। वह जानती थी कि इस किरदार ने जो गलतियाँ की थीं। वही उसे उसके अंत तक ले गई थीं। अगर वह उन गलतियों को दोहराएगी, तो उसका अंत भी वैसा ही होगा। उसने तय किया कि वह कहानी को बदलेगी। पर यह इतना आसान नहीं था। हर कदम पर उसे शक की नज़रों से देखा जाता। जो लोग कहानी में उसके दुश्मन थे, वे अब भी उससे नफरत करते थे। और जो उसके साथी थे, उन पर भरोसा करना खुद एक खतरा था। सबसे बड़ी चुनौती थी। हीरो और हीरोइन। कहानी के मुख्य किरदार, जिनके लिए वह हमेशा खतरा बनी रहती थी। अगर वह अपने व्यवहार को बदलती भी, तो क्या वे उस पर विश्वास करेंगे? या उसे फिर भी उसी नजर से देखेंगे। एक विलन, जिसे कभी भी खत्म करना जरूरी है? धीरे-धीरे अवियाना को एहसास हुआ कि सिर्फ अपने फैसले बदलना काफी नहीं है। इस दुनिया में हर किसी की सोच पहले से तय है। अगर उसे अपना अंत बदलना है, तो उसे न सिर्फ अपने कर्म बदलने होंगे, बल्कि दूसरों की सोच भी बदलनी होगी। और यही सबसे कठिन काम था। एक गलत कदम, एक छोटी सी गलती और सब कुछ खत्म हो सकता था। लेकिन ऐरा हार मानने वालों में से नहीं थी। उसने ठान लिया कि चाहे कुछ भी हो जाए, वह इस कहानी का अंत बदलेगी। वह उस विलन की तरह नहीं मरेगी, जिसे सब नफरत करते हैं। वह अपनी पहचान खुद बनाएगी चाहे इसके लिए उसे पूरी कहानी के खिलाफ क्यों न जाना पड़े। पर जैसे-जैसे वह आगे बढ़ती है, उसे एहसास होता है कि यह कहानी उतनी सीधी नहीं है जितनी उसने पढ़ी थी। कुछ राज ऐसे हैं जो किताब में कभी सामने नहीं आए। कुछ किरदार ऐसे हैं जिनके इरादे छुपे हुए हैं। और कुछ घटनाएँ… जो शायद पहले कभी लिखी ही नहीं गई थीं। क्या यह वही कहानी है जिसे उसने पढ़ा था? या अब यह एक नई कहानी बन चुकी है, जहाँ हर फैसला उसके हाथ में है—और हर गलती उसकी मौत बन सकती है? ऐरा अब सिर्फ एक पाठक नहीं रही। वह इस कहानी का हिस्सा बन चुकी थी। और अब उसे तय करना था। क्या वह अपने भाग्य से लड़ेगी, या उसी कहानी का हिस्सा बनकर रह जाएगी, जहाँ अंत पहले से लिखा हुआ है। क्योंकि इस बार… यह सिर्फ एक नॉवेल नहीं था। यह उसकी ज़िंदगी थी। जानने के लिए आज से पढे। ये कहानी ✍️🖤🖤🤟❤️😎🖤 लेखक = श्वेता अग्रवाल ❤️❤️✍️🖤

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Mega Story writing Contest 2026

लेखक : ♥️𝄟≛⃝Sweta Agrawal🌹❤️ 🕊
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