एक अधूरी कहानी, एक जला दिया गया सच, और पहाड़ों के बीच गूँजती वो भयानक आवाज़, जो कभी शांत नहीं हुई... एक श्राप बनकर आज भी ज़िंदा है।
1. मिट्टी में दबा, एक पुराना श्राप! 135 | 26 | 25 | 5 | | 01-06-2026 |
2. डेस्टिनेशन वेडिंग! 125 | 23 | 21 | 5 | | 02-06-2026 |
3. मेरे कमरे में भूत है! 120 | 19 | 19 | 5 | | 01-06-2026 |
4. गांव की फुसफुसाहट! 113 | 19 | 19 | 5 | | 03-06-2026 |
5. नई ज़िंदगी के खूबसूरत सपने! 97 | 19 | 18 | 5 | | 04-06-2026 |
6. ये अनर्थ मत करो! 82 | 16 | 16 | 5 | | 05-06-2026 |
7. एक अंजान साया! 67 | 17 | 17 | 5 | | 05-06-2026 |
8. दूल्हा गायब हो गया! 63 | 18 | 17 | 5 | | 05-06-2026 |
9. लाल आखें, जला हुआ चेहरा! 53 | 18 | 17 | 5 | | 06-06-2026 |
10. जिसे वो देख ले, वो बचता नहीं! 50 | 17 | 16 | 5 | | 07-06-2026 |
11. सम्मोहन की अदृश्य डोर! 47 | 17 | 16 | 5 | | 07-06-2026 |
12. विपदा लौट आई है! 46 | 16 | 16 | 5 | | 08-06-2026 |
13. धारिणी! 45 | 16 | 16 | 5 | | 09-06-2026 |
14. पैरों के निशान! 45 | 16 | 15 | 5 | | 09-06-2026 |
15. आर्यन वापस नहीं आएगा! 46 | 16 | 15 | 5 | | 11-06-2026 |
16. डायन का श्राप! 44 | 15 | 14 | 5 | | 11-06-2026 |
17. ये धारिणी का जंगल है! 46 | 15 | 14 | 5 | | 11-06-2026 |
18. डायन नहीं, देवी थी वो! 45 | 15 | 14 | 5 | | 12-06-2026 |
19. ये उस रात की राख है! 44 | 13 | 12 | 5 | | 13-06-2026 |
20. अतीत की पुकार! 45 | 13 | 12 | 5 | | 13-06-2026 |
21. नफरत का बीज! 39 | 12 | 11 | 5 | | 14-06-2026 |
22. मासूम रिश्ते की शुरुआत! 38 | 13 | 12 | 5 | | 15-06-2026 |
23. जंगल का सौदा! 36 | 11 | 12 | 5 | | 16-06-2026 |
24. अनहोनी का आभास! 37 | 13 | 12 | 5 | | 16-06-2026 |
25. चमत्कार या छल! 34 | 12 | 11 | 5 | | 17-06-2026 |
26. षड़यंत्र! 35 | 11 | 11 | 5 | | 18-06-2026 |
27. मेरी ज़िन्दगी की धारा! 31 | 9 | 9 | 5 | | 19-06-2026 |
28. मृत्यु दंड! 29 | 9 | 9 | 5 | | 19-06-2026 |
29. धारा, मैं वापस आऊँगा! 20 | 8 | 8 | 5 | | 20-06-2026 |
30. मुक्ति और श्राप! 19 | 7 | 7 | 5 | | 21-06-2026 |
31. धारिणी मर गई, अब सिर्फ़ राख बची है! 19 | 7 | 7 | 5 | | 23-06-2026 |
32. अग्नि में निर्दोष जला था! 18 | 7 | 7 | 5 | | 23-06-2026 |
33. जंगल में कोई ज़िंदा इंसान है! 18 | 7 | 7 | 5 | | 25-06-2026 |
34. अधूरी कहानी का दूसरा सिरा! 17 | 7 | 7 | 5 | | 25-06-2026 |
35. जंगल का मायाजाल! 18 | 6 | 6 | 5 | | 27-06-2026 |
36. दुर्लभ पूर्णिमा, भ्रम का टूटना! 17 | 6 | 6 | 5 | | 29-06-2026 |
37. तुम्हारा सत्या लौट आया, धारा! 18 | 6 | 6 | 5 | | 30-06-2026 |
38. चाँद का दर्पण, धारिणी का रूप! 18 | 5 | 5 | 5 | | 01-07-2026 |
39. प्रलय शुरू हो गया, कोई नहीं बचेगा! 18 | 5 | 5 | 5 | | 01-07-2026 |
40. नदी की धारा का, सागर में मिलना! 16 | 4 | 5 | 5 | | 03-07-2026 |
41. पाप का प्रायश्चित! 15 | 5 | 5 | 5 | | 03-07-2026 |
42. साथ चलेगी, मेरी धारा! 16 | 5 | 5 | 5 | | 04-07-2026 |
43. कई कहानियाँ वापस लौट आईं! 13 | 5 | 5 | 5 | | 04-07-2026 |
44. अन्याय का अंत हुआ! 17 | 5 | 5 | 5 | | 04-07-2026 |
45. सिंदूर की हवा, धारिणी लौट आई! 15 | 5 | 5 | 5 | | 07-07-2026 |
46. यहाँ सत्यधारा पूरी हुई! 20 | 6 | 6 | 5 | | 07-07-2026 |
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