बंधन: एक अनूठा अहसास

बंधन केवल धागों का नाम नहीं होता, और न ही यह हमेशा बेड़ियों की तरह जकड़ता है। कुछ बंधन ऐसे होते हैं जो हमें बांधते नहीं, बल्कि हमें उड़ने का हौसला देते हैं। इसी ख़ूबसूरत अहसास पर पेश है यह कविता:

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कविता

लेखक : (ध्रुव तारा )Dr Sanjay Rathod
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