"यह कविता 'आत्म-प्रेम' (Self-Love) और खुद की पहचान को दोबारा पाने के सफर पर आधारित है। इसमें एक ऐसे इंसान के जज्बातों को दिखाया गया है जो जिंदगी भर दूसरों की खुशियों के लिए जीता रहा और खुद को भूल गया। लेकिन आखिरकार उसे अहसास होता है कि दुनिया में सबसे जरूरी खुद से प्यार करना है। वह अपने दुखों और कमियों को स्वीकार करते हुए, दूसरों की उम्मीदों को छोड़कर, पूरे आत्मविश्वास के साथ खुद का हाथ थामकर एक नई शुरुआत करता है।"
© Copyright 2023 All Rights Reserved