कविता : टूटे हुए प्यार की गहराई कभी तुम्हारा नाम मेरे दिल की धड़कन हुआ करता था, हर खामोशी में तुम्हारी आवाज़ सुनाई देती थी। हमने सपनों की एक दुनिया बनाई थी, जहाँ उम्मीदों के फूल खिला करते थे, पर किसे पता था कि एक दिन वही फूल बिखर जाएँगे। तुम्हारे साथ बिताए हुए पल आज भी यादों में सांस लेते हैं, जैसे कोई अधूरा गीत दिल में धीरे-धीरे बजता रहता है। प्यार का वादा हमने भी किया था, साथ चलने की कसम भी खाई थी, पर शायद किस्मत की राहों में विछोह की छाया पहले से लिखी थी। जब तुम दूर गए तो लगा जैसे समय भी ठहर गया हो, दिल की हर धड़कन एक दर्द भरी कहानी कहने लगी। मैंने तुम्हें भुलाने की बहुत कोशिश की, पर यादों का दरिया थमता नहीं, तुम्हारी हँसी की गूँज अब भी मन के आँगन में सुनाई देती है। कभी लगता है प्यार एक मीठा सपना था, जो सुबह की रोशनी में चुपचाप टूट गया। पर इस टूटन में भी एक अजीब सी सच्चाई छिपी है— जिसे हमने सच्चे दिल से चाहा, वह दिल से कभी दूर नहीं होता। अब मैं दर्द के साथ जीना सीख गया हूँ, आँखों में नमी लेकर भी मुस्कुराना सीख गया हूँ, क्योंकि टूटे हुए प्यार की यही गहराई है - यह दिल को तोड़ता जरूर है, पर इंसान को और गहरा, और सच्चा बना जाता है। 💔✨
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