"दवा बेअसर थी, पर दुआ में मेरी जान बाकी थी, एक लेखक की कलम से लिखी, अभी वो आखिरी दास्तान बाकी थी।"
1. इबादत-ए-कलम✍️❤️ 4 | 4 | 3 | 5 | | 23-05-2026 |
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