इगो एवं अहंकार

मानव व्यक्तित्व अनेक परतों से निर्मित होता है, जिनमें “अहंकार” और “इगो” दो अत्यंत महत्वपूर्ण तत्व हैं। सामान्यतः इन दोनों शब्दों को एक ही अर्थ में प्रयोग कर लिया जाता है, जबकि वास्तविकता में इनके बीच सूक्ष्म किन्तु गहरा अंतर है। इनकी सही समझ न केवल व्यक्ति के व्यवहार को परिष्कृत करती है, बल्कि उसके स्वविकास की दिशा भी निर्धारित करती है।

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आध्यामिक

लेखक : आफरीन खान कर्मा
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