प्रिंस त्रिपाठी

"प्रिन्स त्रिपाठी " Vol. I Edi. I Written By: गरिमा त्रिपाठी यह केवल एक प्रेम कहानी नहीं… यह आत्मकथा और काव्य का संगम है। एक ऐसी गाथा, जहाँ ग्रहों की चाल, अधूरी मन्नतें और नियति दो भक्तों को बार-बार मिलाती, दूर करती और फिर एक-दूसरे तक वापस ले आती है। नायिका : बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी की एक संवेदनशील लड़की, जो संघर्षों, जिम्मेदारियों और कविताओं के बीच जीना सीखती है। और नायक: गुरु गोरखनाथ मंदिर की आध्यात्मिक छाया से जुड़ा एक गंभीर युवक, जो पहली ही मुलाकात में उसे अपने सावन के व्रतों में माँग लेता है। लेकिन नियति सरल नहीं होती। ग्रह बदलते हैं। समय करवट लेता है। मृत्यु, दूरी, सगाई, अधूरी बातें और रुकी हुई राहें दोनों को अलग कर देती हैं। फिर एक रुका हुआ पत्र, एक अधूरी मन्नत, और शिव की अनकही इच्छा उनकी कहानी को फिर उसी मोड़ पर लाकर खड़ा कर देती है जहाँ से प्रेम शुरू हुआ था। क्योंकि कुछ प्रेम कहानियाँ इंसान नहीं लिखते, "उन्हें महादेव अपनी नगरी में स्वयं रचते हैं।"

4 Views
Time : 13 Min

Love Story❤️

लेखक : Dignity Tripathi
img