अधूरी मैं

बहुत लोग कहानियाँ लिखते हैं — किसी और की।किसी और के दर्द, किसी और की खुशियों की।लेकिन ये कहानी अलग है… क्योंकि इसमें तारा किसी और की नहीं, बल्कि अपनी कहानी सुनाती है।अपने दर्द की।अपनी खुशियों की।अपने टूटने की।तारा निकली है एक नए सफर पर —खुद को ढूँढने, एक नई दुनिया बनाने। लेकिन क्या वो इस सफर को पूरा कर पाएगी? क्या उसे वो मिलेगा जिसकी तलाश है? और आखिर ऐसा क्या हुआ था उसकी जिंदगी में… कि उसे सब छोड़कर जाना पड़ा? इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए पढ़िए — “अधूरी मैं”

9 Views
Time : 14 Min

उपन्यास

: Shivani Bhati
img