लम्हों की पोटली..

जिंदगी की भागदौड़ में हम अक्सर उन्हीं लम्हों को भूल जाते हैं जो हमें असल में जिंदा रखते हैं। आपके लिए 'दिल और जिंदगी के लम्हों' पर एक कविता:

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प्यार

लेखक : (ध्रुव तारा )Dr Sanjay Rathod
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